नई दिल्ली. एग्जिट पोल्स के नतीजों में एनडीए को बहुमत मिलता देख विपक्षी दल ईवीएम पर सवाल उठाने लगे हैं। वे 50% ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों के मिलान की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में 22 विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। विपक्षी नेताओं ने कहा कि वीवीपैट की पर्चियों का मिलान वोटों की गिनती से पहले हो, बाद में नहीं। और, किसी भी विधानसभा क्षेत्र में चुने गए 5 पोलिंग स्टेशनों पर कोई भी गड़बड़ी मिलती है तो 100% वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाए।
उधर, सुप्रीम कोर्ट ने 100% ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों के मिलान की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि वह जनप्रतिनिधियों को चुनने की राह में हम आड़े नहीं आएगा। यह याचिका कुछ टेक्नोक्रेट्स ने लगाई थी।
अफजाल अंसारी के आरोप चुनाव आयोग ने खारिज किए
उत्तरप्रदेश के गाजीपुर से गठबंधन प्रत्याशी अफजाल अंसारी की ओर से ईवीएम की सुरक्षा पर उठाए गए सवालों को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया। आयोग ने कहा है कि ईवीएम-वीवीपैट को पार्टियों के सामने सील किया गया। इसकी वीडियोग्राफी कराई गई। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सीसीटीवी लगे हैं। सीएपीएफ के जवान तैनात हैं। ऐसे में सभी आरोप आधारहीन हैं। इससे पहले सोमवार रात अफजाल ने ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए गाजीपुर में स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। इस सीट पर बाबुबली मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल का केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा से मुकाबला है।
एनडीए को बहुमत मिलने का अनुमान
लोकसभा चुनाव के 10 में से नौ एग्जिट पोल्स ने एनडीए को स्पष्ट बहुमत दिया है। 18 मई को भी नायडू ने चुनाव आयोग से ईवीएम की जगह वीवीपैट से गिनती कराने की मांग की थी। उनके अलावा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आप नेता संजय सिंह, कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी एग्जिट पोल और ईवीएम पर सवाल उठाए हैं।
इन मशीनों का इस्तेमाल वर्तमान संसदीय चुनावों में पहली बार पूरे देश में किया गया है.
इस मामले में 21 विपक्षी दल ने सर्वोच्च न्यायालय में अर्ज़ी देकर मांग की थी कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के 50 प्रतिशत वोटों को वीवीपैट के साथ मिलाया जाए. लेकिन चुनाव आयोग का कहना था कि पचास फीसदी ईवीएम और वीवीपैट को मैच करने में कम कम पांच दिन लग जाएंगे जिससे नतीजे आने में देरी हो जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच ईवीएम और वीवीपैट में पड़े वोटों की जांच की जाए.
चुनाव आयोग ने फ़ैसला किया है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से पांच-पांच वीवीपैट का चयन 'रैंडमली' यानी बिना किसी क्रम के किया जाएगा और ईवीएम और वीवीपैट के नतीजों को मैच किया जाएगा.
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