Friday, January 25, 2019

अब कोई चमत्कार ही बचा सकता है देश में नंबर 2 का तमगा

सफाई व्यवस्था सुधार में भोपाल को 46.32% अंक, इंदौर से लगभग आधे
भोपाल. शहर में इस बार सफाई व्यवस्था में ऐसा कोई खास बदलाव नहीं आया जिसके आधार पर भोपाल कोई बड़ा दावा कर सके। कुल पांच हजार अंकों के सर्वे में से 25 प्रतिशत यानी 1250 अंक शहर में सफाई व्यवस्था में सुधार के दावे के हैं और इतने ही यानी 25 प्रतिशत नंबर पब्लिक फीडबैक के हैं। सफाई व्यवस्था के सुधार के 1250 अंकों में भोपाल को केवल 579 नंबर (46.32 प्रतिशत) मिले हैं, जबकि इंदौर हम से कहीं आगे है। इंदौर को इस कैटेगरी में 1108 (88.64 प्रतिशत) नंबर मिले हैं।

अंकों का यह निर्धारण नगर निगम द्वारा 15 दिसंबर 2018 तक स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के पोर्टल पर अपलोड दस्तावेजों के आधार पर किया गया है। पब्लिक फीडबैक में भी हम पिछड़ते नजर आ रहे हैं। हालांकि सर्वे के लिए अभी 5 दिन (31 जनवरी)बाकी हैं। लेकिन इतने कम समय में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही है।

दो साल से सफाई में दूसरे नंबर पर बरकरार भोपाल इस बार पिछड़ता नजर आ रहा है। इस साल कुल 5000 अंकों के सर्वे में सफाई व्यवस्था में सुधार और पब्लिक फीडबैक के 2500 अंक हैं। इन दोनों में ही हालत खराब है। ऐसे में नंबर दो का तमगा बरकरार रखना मुश्किल होगा।

सेल्फ असेसमेंट ऐसे पिछड़ रहा है भोपाल

कचरा कलेक्शन व ट्रांसपोर्टेशन के 338 अंक हैं। इनमें भोपाल को सिर्फ 45 मिले हैं। वह भी 100% डोर टू डोर कलेक्शन का दावा करने के बाद।

भानपुर खंती के रेमेडिशन का काम चल रहा है, लेकिन सर्वे के मापदंडों के आधार पर इसके हमें 40 में से केवल 10 ही अंक मिल पाए हैं।

आदमपुर छावनी में नई कचरा खंती बनने का काम धीमी गति से चलने का नतीजा यह है कि हमें 50 में से केवल 25 नंबर ही मिले हैं।

नगर निगम के अपर आयुक्त से लेकर कामगारों तक को एसबीएम पोर्टल पर ई- कोर्स के 19 अंकों में से हमें केवल 4 अंक मिले हैं।

4 कैटेगरी, प्रत्येक के 1250 अंक

सेवा स्तर प्रगति (नगर निगम द्वारा दिए सेल्फ एसेसमेंट डेटा के अनुसार)
प्रमाणीकरण सेवन स्टार रेटिंग व ओडीएफ डबल प्लस ( केंद्र द्वारा सर्वे)
प्रत्यक्ष अवलोकन शहर में सफाई व्यवस्था के दावे पर तीसरी टीम का सर्वे
पब्लिक फीडबैक शहर की न्यूनतम 0.1% आबादी से निर्धारित 7 सवालों के आधार पर 

फीडबैक में 13वें नंबर पर

21 जनवरी तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इंदौर में अब तक 1,15,092 लोगों ने अपना फीडबैक दिया है, जबकि भोपाल में यह आंकड़ा केवल 12,053 है। इस तरह इंदौर नंबर-1 पर है जबकि भोपाल का 13वां नंबर है।

पिछड़ने की वजह

2017 और 2018 में पब्लिक फीडबैक के लिए तत्कालीन निगम आयुक्तों ने खास मेहनत की थी। मेयर आलोक शर्मा ने स्कूल -कॉलेजों में स्वच्छता की क्लास लगाई, चाय पर चर्चा की। लेकिन इस बार चाय पर चर्चा के केवल दो आयोजन हुए। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में निगमायुक्त बने बी विजय दत्ता को अचानक अवकाश पर जाना पड़ा।

Thursday, January 17, 2019

英国利物浦大学被指种族主义向中国学生道歉

英国利物浦大学给国际留学生禁止考试作弊的通知特意用中文标出“舞弊”两字,被批种族主义后,校长亲自道歉。

利物浦大学的女校长简尼特·比尔(Dame Janet Beer)还特地通过该校在中国的官方微博发布了中英文的道歉信,强调该校尊重文化多样性,并承诺今后要注意工作流程,确保此类事件不再发生。

事情的缘由来自于1月份英国学校考试季来临前,英国利物浦大学下属学生服务中心的福利咨询与指导部门发布了一份网上通知,警告学生考试不得作弊。

在通知之后还画蛇添足地增加了引发争议的下面一段话:

“我们发现我校的中国学生通常不熟悉英文中的‘作弊’一词,因此我们就此提供其中文翻译:舞弊”。

有人在公众请愿网站change.com上发起请愿活动,要求利物浦大学就此事公开道歉。

请愿书指责大学有关部门发布上述通知是不负责任、傲慢且带有歧视性的行为,伤害所有国际学生,尤其是那些来自中国文化背景的学生。

上千人在网上支持这一请愿。

事件也引发英国当地媒体关注,《利物浦回声报》(Liverpool ECHO),英国学生事务的媒体(TheTab)等等关注,它们采访了利物浦大学留学的一些中国学生,均表示学校这份通知将中国学生单列并使用中文标注不妥。

此事在社交媒体上也引起声讨。

利物浦大学与中国
学校高层得知此事后,立即承认有关部门做法不妥,校长通过利物浦大学官方社交媒体推特发布电子邮件,向包括中国学生在内的所有国际留学生亲自做出道歉,表示校方承担这一错误的全部责任。

利物浦大学在最受中国留学生欢迎的十大英国大学中名列榜首。该大学目前有2.2万名学生,包括7000名在校国际留学生,2016年大约有3200名中国学生。

经中国教育部批准,2006年,西安交通大学与利物浦大学合作,在江苏苏州成立了西交利物浦(国际)大学。

目前,中国在英国的留学生人数约9.5万人,是所有国家在英国的留学生中最大群体。

Wednesday, January 9, 2019

हड़प्पा की खुदाई में मिले महिला-पुरुष के कंकाल, दोनों को एकसाथ दफनाया गया था

हरियाणा के राखीगढ़ी इलाके में मिली कब्र से महिला और पुरुष के कंकाल मिले। 2016 में राखीगढ़ी में 70 कब्रों का पता चला था। इनमें से 40 को खोदकर देखा गया। इसी दौरान युगल का कंकाल मिला। इन्हें एक साथ क्यों दफनाया गया, इस पर 3 साल तक अध्ययन किया गया। इस अध्ययन की रिपोर्ट को एक अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

मौत के कारण का पता नहीं चल सका
कब्र 4500 साल पुरानी है। इसमें महिला और पुरुष का मुंह एकदूसरे की तरफ है। भारत और दक्षिण कोरिया के पुरातत्वविदों और वैज्ञानिकों ने क्रोनोलॉजी के माध्यम से अनुमान लगाया है कि दोनों में गहरा प्यार रहा होगा। पुरातत्वविद् वसंत शिंदे का कहना है कि अध्ययन में न तो उनकी हडि्डयों पर कोई लाइन मिली और न ही स्कल (खोपड़ी) बोन असामान्य तौर पर मोटी थी। ऐसे लक्षणों से चोट और दिमागी बुखार का पता चल जाता है।

रेतीली कब्र में दफन किए गए थे
महिला-पुरुष को डेढ़ मीटर गहरी रेतीली कब्र में दफनाया गया था। 5.8 फुट के पुरुष की आयु 38 साल लग रही है। 5.6 फुट लंबी महिला 35 साल की रही होगी। दोनों मौत के समय स्वस्थ थे। लगता है कि दोनों की मौत एक साथ हुई होगी। इस वजह से उन्हें एक साथ दफना दिया गया। कब्र में कुछ चीजें सामान्य सी मिलीं। इनमें मिट्‌टी के बर्तन और पत्थर के आभूषण थे। ये चीजें हड़प्पा सभ्यता से जुड़े अवशेषों की खुदाई के दौरान कब्रों से मिलती रही हैं।

संपन्न बस्ती में रहता होगा युगल: पुरातत्वविद
पुरातत्वविदों का मानना है कि युगल 12 एकड़ में फैली संपन्न बस्ती में रहता होगा। उनका दावा है कि बस्ती में हजारों और लोग भी होंगे। अभी तक जो खुदाई हुई है उनमें राखीगढ़ी की बस्ती सबसे बड़ी है। हड़प्पा संस्कृति की लगभग 2000 जगहों का पता अभी तक चला है। राखीगढ़ी को मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली बस्तियों से भी बड़ा माना जा रहा है। सबसे पहली प्राचीन सभ्यता मोहनजोदड़ो से ही 1920 में मिली थी।

मैसोपोटामिया से मिलती रही हैं आलीशान कब्रें
हड़प्पा की खुदाई में मिलीं कब्रें ज्यादातर सामान्य हैं। कब्रों में खाने से भरे बर्तन भी मिले हैं। इन्हें वहां श्रद्धांजलि के तौर पर रखा गया होगा। मैसोपोटामिया की खुदाई से आलीशान कब्रें मिलती रही हैं। राजा महाराजा की कब्रों में आभूषण व अन्य कीमती चीजें मिली हैं। अर्ली इंडियन के लेखक टोनी जोसेफ का कहना है कि पश्चिम एशिया के राजाओं की कब्रों में हड़प्पा से आयात किए गए कई आभूषण मिले हैं। 

पहले भी मिलती रही हैं युगल की कब्रें
दुनिया के अन्य इलाकों से भी युगल की कब्र मिलती रही हैं। 1950 में गुजरात के लोथल से महिला और पुरुष का कंकाल मिला था। इसमें महिला की खोपड़ी पर चोट के निशान थे। माना जा रहा है कि पुरुष की मौत के बाद उसने खुदकुशी की होगी। इटली में नियोलिथिक, रूस व ग्रीक से भी प्राचीन सभ्यता की कब्रों के अवशेष मिले हैं। इनमें युगल का एक दूसरे के प्रति प्रेमभाव दिखाई दिया।

Tuesday, January 1, 2019

मोदी ने कहा- राम मंदिर पर अध्यादेश पर विचार केवल अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने के बारे में अदालती प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही विचार किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन तलाक पर भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही सरकार अध्यादेश लाई थी।

न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि कांग्रेस के वकील खलल पैदा कर रहे हैं, इसलिए अदालती कार्यवाही धीमी हो गई है। प्रधानमंत्री से पूछा गया था कि क्या भाजपा राम मंदिर मुद्दे को भावनात्मक मुद्दे के तौर पर उठाती है, इस पर मोदी ने कहा- हमने भाजपा के घोषणा-पत्र में भी कहा है कि इस मुद्दे का हल संविधान के दायरे में रहकर ही निकल सकता है।

हमारी जो भी जिम्मेदारी होगी, वह करेंगे : मोदी
मोदी ने कहा कि अदालती प्रक्रिया खत्म होने दीजिए। जब अदालती प्रक्रिया खत्म हो जाएगी, उसके बाद सरकार के तौर पर हमारी जो भी जवाबदारी होगी, हम उस दिशा में सारी कोशिशें करेंगे। अगले लोकसभा चुनाव को लेकर मोदी ने कहा- 2019 का चुनाव जनता बनाम महागठबंधन होगा। मोदी तो केवल जनता के प्यार और आशीर्वाद का नाम है।

कांग्रेस अपने वकीलों को रोके : मोदी
मोदी ने कहा कि इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि जो लोग 70 साल सत्ता में रहे, उन्होंने अयोध्या मुद्दे का हल निकालने के रास्ते में खलल पैदा करने की पूरी कोशिशें कीं। मैं कांग्रेस से अनुरोध करता हूं कि देश में शांति और एकता के लिए उन्हें अपने वकीलों को अयोध्या विवाद पर खलल पैदा करने से रोकना चाहिए। अदालती प्रक्रिया को अपना रास्ता तय करने देना चाहिए। इस मुद्दे को राजनीतिक तराजू में नहीं तौलना चाहिए।

सर्जिकल स्ट्राइक पर गए जवानों से कहा था- सुबह तक वापस आ जाना

सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में मोेदी ने कहा- जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्जिकल स्ट्राइक की तारीख दो बार बदली गई थी। उड़ी हमले में जवानों को जिंदा जलाए जाने के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई गई थी। मेरे और सेना के भीतर ही भीतर एक गुस्सा पनप रहा था। मैंने जवानों को भेजे संदेश में कहा था कि मिशन की कामयाबी या नाकामयाबी के बारे में सोचना। किसी भी बहकावे में मत आना और इसे जारी मत रखना। सुबह होने से पहले हर हाल में वापस आना।

सुबह करीब एक घंटे तक नहीं मिली थीं सूचनाएं

हमारा जोर केवल इस बात पर था कि इस ऑपरेशन के दौरान हमारा एक भी जवान शहीद ना हो। मैं जानता था कि इसमें बड़ा खतरा है। मैंने कभी अपने लिए किसी राजनीतिक खतरे की परवाह नहीं की। मेरी सबसे बड़ी फिक्र केवल जवानों की सुरक्षा थी। मैं नहीं चाहता था कि उनक कमांडोज को कोई भी नुकसान पहुंचे, जो हमारे कहे शब्दों के लिए अपना जीवन न्योछावर करने को तैयार हैं। जब तक हमारे जवान एलओसी के दूसरी तरफ थे, मैं परेशान था। सुबह के समय करीब एक घंटे तक सूचनाएं मिलनी बंद हो गई थीं, यह समय बेहद मुश्किल था। इसके बाद मुझे बताया गया कि वे अभी वापस नहीं लौटे हैं, हालांकि एक-दो यूनिट सुरक्षित स्थानों तक पहुंच गई हैं इसलिए परेशान ना हों। मैंने कहा कि मैं तब तक ठीक नहीं हो सकता, जब तक हमारा आखिरी जवान वापस ना लौट आए।

उर्जित पटेल ने निजी कारणों से इस्तीफा दिया, उन पर दबाव नहीं था : प्रधानमंत्री
आरबीआई के गवर्नर रहे उर्जित पटेल ने हाल ही में इस्तीफा दिया था। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि निजी कारणों के चलते पटेल खुद पद छोड़ना चाहते थे। मैं इस बारे में पहली बार यह खुलासा कर रहा हूं। उन्होंने इस्तीफे से छह-सात महीने पहले ही मुझे इस बारे में बताया था। उन्होंने लिखित में भी अपनी इच्छा जताई थी। उन पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव होने का कोई सवाल ही नहीं है। बतौर आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने अच्छा काम किया।

नोटबंदी के साल भर पहले से चेतावनी दी थी

नोटबंदी पर मोदी ने कहा- यह कोई झटका नहीं था। हमने सालभर पहले लोगों को चेतावनी दी थी कि अगर आपके पास ऐसा धन (काला धन) है तो आप उसे जमा कर दें। आप जुर्माना भरें और आपकी मदद की जाएगी। हालांकि, उन लोगों को लगा कि मोदी भी दूसरों की तरह व्यवहार करेगा इसलिए बहुत कम लोग स्वत: इसके लिए सामने आए थे।