Tuesday, January 1, 2019

मोदी ने कहा- राम मंदिर पर अध्यादेश पर विचार केवल अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने के बारे में अदालती प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही विचार किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन तलाक पर भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही सरकार अध्यादेश लाई थी।

न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि कांग्रेस के वकील खलल पैदा कर रहे हैं, इसलिए अदालती कार्यवाही धीमी हो गई है। प्रधानमंत्री से पूछा गया था कि क्या भाजपा राम मंदिर मुद्दे को भावनात्मक मुद्दे के तौर पर उठाती है, इस पर मोदी ने कहा- हमने भाजपा के घोषणा-पत्र में भी कहा है कि इस मुद्दे का हल संविधान के दायरे में रहकर ही निकल सकता है।

हमारी जो भी जिम्मेदारी होगी, वह करेंगे : मोदी
मोदी ने कहा कि अदालती प्रक्रिया खत्म होने दीजिए। जब अदालती प्रक्रिया खत्म हो जाएगी, उसके बाद सरकार के तौर पर हमारी जो भी जवाबदारी होगी, हम उस दिशा में सारी कोशिशें करेंगे। अगले लोकसभा चुनाव को लेकर मोदी ने कहा- 2019 का चुनाव जनता बनाम महागठबंधन होगा। मोदी तो केवल जनता के प्यार और आशीर्वाद का नाम है।

कांग्रेस अपने वकीलों को रोके : मोदी
मोदी ने कहा कि इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि जो लोग 70 साल सत्ता में रहे, उन्होंने अयोध्या मुद्दे का हल निकालने के रास्ते में खलल पैदा करने की पूरी कोशिशें कीं। मैं कांग्रेस से अनुरोध करता हूं कि देश में शांति और एकता के लिए उन्हें अपने वकीलों को अयोध्या विवाद पर खलल पैदा करने से रोकना चाहिए। अदालती प्रक्रिया को अपना रास्ता तय करने देना चाहिए। इस मुद्दे को राजनीतिक तराजू में नहीं तौलना चाहिए।

सर्जिकल स्ट्राइक पर गए जवानों से कहा था- सुबह तक वापस आ जाना

सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में मोेदी ने कहा- जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्जिकल स्ट्राइक की तारीख दो बार बदली गई थी। उड़ी हमले में जवानों को जिंदा जलाए जाने के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई गई थी। मेरे और सेना के भीतर ही भीतर एक गुस्सा पनप रहा था। मैंने जवानों को भेजे संदेश में कहा था कि मिशन की कामयाबी या नाकामयाबी के बारे में सोचना। किसी भी बहकावे में मत आना और इसे जारी मत रखना। सुबह होने से पहले हर हाल में वापस आना।

सुबह करीब एक घंटे तक नहीं मिली थीं सूचनाएं

हमारा जोर केवल इस बात पर था कि इस ऑपरेशन के दौरान हमारा एक भी जवान शहीद ना हो। मैं जानता था कि इसमें बड़ा खतरा है। मैंने कभी अपने लिए किसी राजनीतिक खतरे की परवाह नहीं की। मेरी सबसे बड़ी फिक्र केवल जवानों की सुरक्षा थी। मैं नहीं चाहता था कि उनक कमांडोज को कोई भी नुकसान पहुंचे, जो हमारे कहे शब्दों के लिए अपना जीवन न्योछावर करने को तैयार हैं। जब तक हमारे जवान एलओसी के दूसरी तरफ थे, मैं परेशान था। सुबह के समय करीब एक घंटे तक सूचनाएं मिलनी बंद हो गई थीं, यह समय बेहद मुश्किल था। इसके बाद मुझे बताया गया कि वे अभी वापस नहीं लौटे हैं, हालांकि एक-दो यूनिट सुरक्षित स्थानों तक पहुंच गई हैं इसलिए परेशान ना हों। मैंने कहा कि मैं तब तक ठीक नहीं हो सकता, जब तक हमारा आखिरी जवान वापस ना लौट आए।

उर्जित पटेल ने निजी कारणों से इस्तीफा दिया, उन पर दबाव नहीं था : प्रधानमंत्री
आरबीआई के गवर्नर रहे उर्जित पटेल ने हाल ही में इस्तीफा दिया था। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि निजी कारणों के चलते पटेल खुद पद छोड़ना चाहते थे। मैं इस बारे में पहली बार यह खुलासा कर रहा हूं। उन्होंने इस्तीफे से छह-सात महीने पहले ही मुझे इस बारे में बताया था। उन्होंने लिखित में भी अपनी इच्छा जताई थी। उन पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव होने का कोई सवाल ही नहीं है। बतौर आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने अच्छा काम किया।

नोटबंदी के साल भर पहले से चेतावनी दी थी

नोटबंदी पर मोदी ने कहा- यह कोई झटका नहीं था। हमने सालभर पहले लोगों को चेतावनी दी थी कि अगर आपके पास ऐसा धन (काला धन) है तो आप उसे जमा कर दें। आप जुर्माना भरें और आपकी मदद की जाएगी। हालांकि, उन लोगों को लगा कि मोदी भी दूसरों की तरह व्यवहार करेगा इसलिए बहुत कम लोग स्वत: इसके लिए सामने आए थे।

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